Aarti

शिव जी की आरती लिरिक्स | Shiv Ji Ki Aarti Lyrics

🕉 1 मिनट पढ़ें · 30 अक्टूबर 2023
shiv ji ki aarti lyrics
Advertisement

इस ब्लॉग में आपके समक्ष प्रस्तुत है shiv ji aarti lyrics । भगवान शिव की आरती करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

             ॥ आरती ॥

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

Advertisement

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

इस shiv aarti lyrics में भगवान शिव जी की महानता का वर्णन किया गया है। शिव आरती लिरिक्स में बताया गया है कि जो भी भगवान् शिव की आरती गाता है उसको मनचाहा फल मिलता है। इस shiv ji ki aarti lyrics में न केवल महादेव अपितु ब्रम्हा और विष्णु जी की भी महिमा गाई गयी है।

Advertisement

आप इन्हें भी पसंद कर सकते हैं