Bhajan Lyrics

मैं बालक तू माता शेरां वालिए भजन लिरिक्स | Main Balak Tu Mata Sheranwaliye Bhajan Lyrics in Hindi

🕉 1 मिनट पढ़ें · 10 सितम्बर 2025
मैं बालक तू माता शेरां वालिए
Advertisement

मैं बालक तू माता शेरां वालिए – भजन

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,

Advertisement

मैं बालक तू माता शेरां वालिए

है अटूट ये नाता शेरां वालिए

है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

है अटूट ये नाता शेरां वालिए,

शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,

मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,

 

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,

मैं बालक तू माता शेरां वालिए

है अटूट ये नाता शेरां वालिए

 

तेरी ममता मिली है मुझको,

तेरा प्यार मिला है,

तेरे आँचल की छाया में,

मन का फूल खिला है,

तुने बुद्धि, तुने साहस,

तुने बुद्धि, तुने साहस तुने ज्ञान दिया,

मस्तक ऊँचा करके जीने के वरदान दिया माँ,

तू है भाग्य विधाता शेरां वालिए,

मैं बालक तू माता शेरा वालिए,

शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,

मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

है अटूट ये नाता शेरां वालिए,

 

जब से दो नैनो में तेरी पावन ज्योत समायी,

मंदिर मंदिर तेरी मूरत देने लगी दिखाई,

ऊँचे पर्वत पर मैंने भी डाल दिया है डेरा,

निस दें करे जो तेरी सेवा मैं वो दास हूँ तेरा,

रहूँ तेरे गुण गाता शेरां वालिए,

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,

मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,

 

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,

है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,

मैं बालक तू माता शेरा वालिए,

है अटूट ये नाता शेरा वालिए,

जय शेरावाली, जय भवनावाली,

जय मेहरावाली जय ज्योतांवाली,

“मैं बालक तू माता शेरां वालिए” भजन का भक्ति रस से भरा सुंदर भावार्थ

“मैं बालक तू माता शेरां वालिए” एक अत्यंत भावनात्मक और भक्तिभाव से भरा हुआ भजन है, जो भक्त और मां दुर्गा के बीच के शाश्वत संबंध को दर्शाता है। इस भजन में एक सच्चे भक्त की भावना झलकती है, जो स्वयं को माता का नन्हा बालक मानता है और हर परिस्थिति में उसकी ममता, मार्गदर्शन और रक्षा का आभारी है।

भजन के बोलों में माता के विभिन्न रूपों — शेरां वालिए, पहाड़ा वालिए, मेहरा वालिए, ज्योतां वालिए — का स्मरण करते हुए यह बताया गया है कि कैसे माता की छाया में भक्त का जीवन खिला है। माता ने उसे बुद्धि, साहस और आत्मविश्वास दिया, जिससे वह मस्तक ऊँचा करके जीने का वरदान प्राप्त करता है।

भजन का अंतिम भाग अत्यंत प्रभावशाली है, जहाँ भक्त कहता है कि जब से माता की ज्योति उसकी आँखों में समाई है, तब से उसे हर मंदिर में माता की मूरत दिखने लगी है। वह अपनी सेवा को माता का दासत्व मानता है और जीवन भर माँ के गुण गाने का प्रण लेता है।

Advertisement

आप इन्हें भी पसंद कर सकते हैं

डाकिया जा रे श्याम ने संदेशो दीजे भजन लिरिक्स ( Dakiya ja re Shyam Ne Sandesho Dije Bhajan Lyrics in Hindi)
Bhajan Lyrics

डाकिया जा रे श्याम ने संदेशो दीजे भजन लिरिक्स ( Dakiya ja re Shyam Ne Sandesho Dije Bhajan Lyrics in Hindi)

“डाकिया जा रे, श्याम ने संदेशो दीजे”-भजन   ( सेठ डाकिया से ) डाकिया जा रे, श्याम ने संदेशो दीजे, श्याम ने…

21 अगस्त 2025 · 🕉 1 मिनट
बांके बिहारी मुझको देना सहारा भजन लिरिक्स (Banke Bihari Mujhko Dena Sahara Lyrics in Hindi)
Bhajan Lyrics

बांके बिहारी मुझको देना सहारा भजन लिरिक्स (Banke Bihari Mujhko Dena Sahara Lyrics in Hindi)

बांके बिहारी मुझको देना सहारा – भजन  बांके बिहारी मुझे देना सहारा, कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा॥ तेरे सिवा दिल में…

14 अगस्त 2025 · 🕉 1 मिनट