आज का राहु काल
दैनिक अशुभ काल — राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल
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सूर्योदय
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सूर्यास्त
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राहु काल क्या है?
राहु काल वैदिक हिन्दू मुहूर्त परंपरा का एक दैनिक अशुभ काल है, जो लगभग 90 मिनट का होता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है; इनमें से एक विशिष्ट भाग पर राहु का अधिकार होता है और परंपरागत रूप से इसे किसी भी नए कार्य — अनुबंध, यात्रा का प्रारंभ, विवाह मुहूर्त, दुकान का उद्घाटन, अथवा शुभ अनुष्ठान — के लिए वर्जित माना जाता है। यमगण्ड काल एवं गुलिक काल इसी सिद्धांत पर आधारित दो अन्य दैनिक अशुभ अवधियाँ हैं, जिनके अधिपति यम एवं मांदी/गुलिक हैं।
राहु काल में किन कार्यों से बचें
- नया व्यवसाय आरंभ करना, अनुबंध हस्ताक्षर करना, अथवा प्रमुख आर्थिक निर्णय लेना
- नई यात्रा का आरंभ अथवा स्थानान्तरण
- विवाह संस्कार, सगाई, अथवा विवाह की तिथि निश्चित करना
- दुकान, कार्यालय, अथवा नए भवन का उद्घाटन
- स्वर्ण, वाहन क्रय, अथवा बड़े व्यय का आरंभ
- शुभ धार्मिक अनुष्ठान का आरंभ (हवन, नए संकल्प हेतु पूजा)