ब्रह्म मुहूर्त
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु सर्वोत्तम (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व)
आज के समस्त शुभ काल — ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त एवं शुभ चौघड़िया।
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु सर्वोत्तम (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व)
सर्वत्र शुभ मध्याह्न काल — अधिकांश अशुभ योगों का निवारक
उत्तम
उन्नति
सर्वोत्तम
उत्तम
सर्वोत्तम
उत्तम
उन्नति
सर्वोत्तम
मुहूर्त (शा. अर्थ "क्षण") किसी भी नए कार्य के आरंभ हेतु शुभ समय चुनने की वैदिक विद्या है — विवाह, व्यापार, यात्रा, अनुष्ठान, अथवा दैनिक पूजा भी। शुभ मुहूर्त तब बनता है जब दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं वार वर्तमान ग्रह-होरा से अनुकूल मिलते हैं। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व) एवं अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न केंद्रित आधा घंटा) सर्वत्र शुभ माने जाते हैं। चौघड़िया प्रणाली दिन एवं रात को 8-8 मुहूर्तों में बाँटती है — अमृत/शुभ/लाभ (अति शुभ), चर (यात्रा हेतु शुभ), तथा काल/रोग/उद्वेग (त्याज्य)।