इस ब्लॉग में आपके समक्ष प्रस्तुत है Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti Lyrics। माता की इस आरती के माध्यम से काली माता के स्वरुप का वर्णन किया गया है। माता की आरती करें और अपने मन में भक्ति भावना और भी प्रगाढ़ करें।
||अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती||
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
तेर भक्त जानो पर मैया भीड़ पड़ी है भारी,
दानव दल पर टूट पड़ो माँ कर के सिंह सवारी ।
सो सो सिंहों से है बलशाली,
है अष्ट भुजाओं वाली,
दुखिओं के दुखड़े हारती ।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
माँ बेटे की है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता,
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता ।
सबपे करुना बरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखिओं के दुखड़े निवारती ।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
नहीं मांगते धन और दौलत ना चांदी ना सोना,
हम तो मांगे माँ तेरे मन में एक छोटा सा कोना ।
सब की बिगड़ी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतिओं के सत को सवारती ।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गायें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
इस Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti Lyrics में माता की कृपा का गुणगान किया गया है। इस ambe tu hai jagdambe kali aarti lyrics में माँ बेटे के नाते को परम पवित्र बताया गया है और यह भी बताया गया है कि बेटा अपनी माता से नजरें फेर सकता है किन्तु माता कभी भी कुमाता नहीं हो सकती। इस durga mata aarti लिरिक्स में भक्त माता के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कह रहे हैं की उन्हें धन दौलत का कोई लोभ नहीं है, उन्हें माता के हृदय में बस छोटा सा स्थान चाहिए।