लक्ष्मी जी की आरती लिरिक्स | Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics

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लक्ष्मी जी की आरती लिरिक्स | Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics

इस ब्लॉग के माध्यम से, हम आपके लिए लेकर आये हैं ‘laxmi ji ki aarti lyrics’। लक्ष्मी माता धन और समृद्धि की देवी हैं। लक्ष्मी माता की आरती लिरिक्स का पाठ करने और सुनने से भक्त उनके आशीर्वाद से भरपूर आनंद और सुख अनुभव करते हैं। इस om jai laxmi mata aarti lyrics के शब्दों में एक अद्वितीय भावनात्मक संदेश छुपा हुआ है जो धन, सौभाग्य, और समृद्धि की प्राप्ति के लिए हमारा मार्गदर्शन करता है…

लक्ष्मी जी की आरती
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।
हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥

पद्मालये नमस्तुभ्यं,
नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।
सर्वभूत हितार्थाय,
वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ओम जय लक्ष्मी माता॥

लक्ष्मी माता की आरती का क्या महत्व है?

लक्ष्मी माता की आरती हिन्दू धर्म में, खासकर वैष्णव सम्प्रदाय में अत्यंत महत्वपूर्ण है । यह om jai laxmi mata aarti lyrics माँ लक्ष्मी की पूजा और स्तुति का एक महत्वपूर्ण भाग है। यहाँ कुछ मुख्य कारण गए हैं जिनके माध्यम से लक्ष्मी माता की आरती लिरिक्स का महत्व बताया गया है।
आराधना और ध्यान : Om jai laxmi mata lyrics का पाठ भक्तों को उनकी पूजा और ध्यान की ओर अग्रसर करता है। लक्ष्मी जी की आरती लिरिक्स के माध्यम से भक्त माँ लक्ष्मी की आराधना करते हैं और उनकी कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
धन और समृद्धि की प्राप्ति : Lakshmi ji ki aarti lyrics का पाठ करना लोगों को आर्थिक समृद्धि और धन की प्राप्ति में सहायता करता है। इसे प्रतिदिन करने पर भक्तों को धन की वृद्धि होती हैं।
सौभाग्य और सुख : om jai laxmi mata lyrics गाने से सौभाग्य और सुख की प्राप्ति होती है। यह भक्तों को आनंद, शांति, और खुशी की ओर मोड़ता है।
आध्यात्मिक साधना : laxmi mata ki aarti lyrics का पाठ आध्यात्मिक साधना का भी हिस्सा हो सकता है। यह भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और मानवता के मूल्यों का पालन करने का प्रेरणा देता है।

लक्ष्मी माता की आरती का सही समय क्या है?

लक्ष्मी माता की आरती का समय विभिन्न धार्मिक प्राथमिकताओं और परंपराओं के आधार पर बदल सकता है, लेकिन सामान्यत:
शाम का समय : लक्ष्मी माता की आरती लिरिक्स गाने का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध समय शाम का होता है। यह आरती सूर्यास्त के बाद और सूर्यास्त के पहले किया जा सकता है, लेकिन अक्सर लोग शाम को ही करते हैं।
व्रत और त्योहार : विशेष अवसरों जैसे कि दीपावली, व्रत और त्योहारों के दिन laxmi ji ki aarti lyrics का पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
प्रतिदिन कुछ लोग om jai laxmi mata aarti सुबह के समय में करते हैं, विशेषकर व्यापारी और वित्तीय संगठनों के लिए, क्योंकि वे आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति के लिए इसे बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं।

यदि आप lakshmi ji ki aarti lyrics का पाठ करना चाहते हैं, तो आप अपने आध्यात्मिक गुरु या पंडित से पूर्व सही समय का सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान दें कि यह समय स्थानीय परंपराओं और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आवश्यकताओं के आधार पर भिन्न हो सकता है।

माता लक्ष्मी की पूजा के लिए कौन-कौन सी सामग्री की आवश्यकता होती है?

मां को कमल और गुलाब के फूल व लाल – पीले रंग के रेशमी वस्त्र बहुत प्रिय हैं, इसलिए इन्हें पूजा में शामिल करना चाहिए।
फल के रूप में श्री फल, सीताफल, बेर, अनार और सिंघाड़ा भी मां को पसंद हैं, इसलिए ये भी उपयोगी हैं। अनाज में चावल और घर में बनी शुद्ध मिठाई का उपयोग करें।
दीपक जलाने के लिए गाय का घी प्रयोग करना चाहिए।
इसके अलावा, पूजा में रोली, कुमकुम, पान, सुपारी, लौग, इलायची, चौकी, कलश, मां लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की प्रतिमा, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, दीपक, रुई, मौली, नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनियां, जौ, गेंहू, चंदन, सिंदूर, सुगंध के लिए केवड़ा, गुलाब अथवा चंदन के इत्र का भी उपयोग किया जा सकता है।
इन सामग्रियों को संयोजन करके आप मां लक्ष्मी की पूजा को भक्ति और समर्पण के साथ कर सकते हैं और मां की कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति कर सकते हैं। इस पूजा के माध्यम से आप आनंद, सुख, और समृद्धि की प्राप्ति की प्रार्थना कर सकते हैं।
इन सब के आलावा और सबसे महत्वपूर्ण है मन में अटूट आस्था, laxmi ji ki aarti lyrics सच्चे मन से गाएं व माता लक्ष्मी में आस्था रखें ।

लक्ष्मी माता की पूजा करने की सही विधि क्या है?

लक्ष्मी माता की पूजा की सही विधि नीचे क्रमबद्ध रूप में बताई गयी है:
स्नान : पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करना चाहिए। आप स्नान करके शुद्ध होते हैं और पूजा के लिए तैयार होते हैं।
पूजा स्थल : एक शुद्ध और साफ पूजा स्थल का चयन करें जो अध्यात्मिक रूप से पवित्र हो।
लक्ष्मी माता की मूर्ति या चित्र : एक छोटी सी लक्ष्मी माता की मूर्ति  को पूजा स्थल पर रखें।
पूजा सामग्री : पूजा के लिए अदरक, सूखी फल, दीपक, धूप, अगरबत्ती, मिठाईयाँ और सुपारी जैसी सामग्री की तैयारी करें।
मंत्र : लक्ष्मी माता की पूजा के दौरान मंत्र पाठ करें, जैसे “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” या “ॐ जय लक्ष्मी माता”।
पूजा की विधि : लक्ष्मी माता की मूर्ति को दूध से स्नान कराएं। फिर उन्हें फूल, चावल, कुंकुम और अन्य सामग्री भेंट करें। 
आरती : om jai laxmi mata aarti lyrics गाने के लिए सबसे पहले शुद्ध तेल या घी में दीपक प्रज्जवलित करके और फिर उसे पूजा करें। आरती के समय आरती गाने और पूजा की थाली से माता की आरती उतारने का विधान होता है।
प्रसाद : पूजा के बाद, माता को प्रसाद का भोग लगाएं, सभी भक्तों में बांटें और फिर स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें।

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