बांके बिहारी मुझको देना सहारा भजन लिरिक्स (Banke Bihari Mujhko Dena Sahara Lyrics in Hindi)

बांके बिहारी मुझको देना सहारा

बांके बिहारी मुझको देना सहारा – भजन 

बांके बिहारी मुझे देना सहारा,

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा॥

तेरे सिवा दिल में समाए ना कोई,

लगन का यह दीपक भुजाये ना कोई,

तू ही मेरी कस्ती तू ही है किनारा,

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा।

॥ बांके बिहारी मुझे देना सहारा…॥

 

तेरे रास्ते से हटाती है दुनिया,

इशारों से मुझको भूलती है दुनिया,

देखो ना हरगिज मैं दुनिया का इशारा

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा।

॥ बांके बिहारी मुझे देना सहारा…॥

 

तेरे नाम का गान गाता रहूं मैं,

सुबह शाम तुझको रिझाता रहूं मैं,

तेरा नाम मुझको है प्राणों से प्यारा,

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा।

॥ बांके बिहारी मुझे देना सहारा…॥

 

बड़ी भूल की जो मैं दुनिया में आया,

मूल भी खोया और ब्याज भी खोया,

दुनिया में मुझको ना भेजो ना दोबरा

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा।

॥ बांके बिहारी मुझे देना सहारा…॥

 

बांके बिहारी मुझे देना सहारा,

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा॥

“बांके बिहारी मुझे देना सहारा” एक गहन भावनाओं से भरा श्रीकृष्ण भजन लिरिक्स है, जिसमें भक्त अपने प्रभु से जीवनभर साथ और संरक्षण की प्रार्थना करता है। इस भजन लिरिक्स में भक्त का हृदय केवल भगवान के चरणों में ही बसा है और वह चाहता है कि किसी भी परिस्थिति में प्रभु का दामन न छूटे।

श्रीकृष्ण भजन लिरिक्स की पंक्तियों में एक सच्चे प्रेम और समर्पण की झलक मिलती है—भक्त कहता है कि प्रभु के सिवा उसके हृदय में कोई और स्थान नहीं पा सकता। दुनिया के प्रलोभन और बाधाएं उसे भटकाने का प्रयास करती हैं, लेकिन वह दृढ़ निश्चय करता है कि वह केवल कृष्ण के मार्ग पर ही चलेगा।

इस भजन में एक गहरी आत्मस्वीकृति भी है, जहां भक्त स्वीकार करता है कि संसार में आकर उसने भूल की, और वह फिर से इस मोहजाल में नहीं फंसना चाहता। प्रभु के नाम का गान करते हुए, सुबह-शाम उन्हें रिझाते हुए, वह जीवन बिताना चाहता है।इस भजन लिरिक्स में एक ऐसा भाव है जो हर श्रीकृष्ण भक्त के हृदय में गूंजता है।

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