यह तो प्रेम की बात है उधो भजन लिरिक्स (Ye To Prem Ki Baat Hai Udho Lyrics in Hindi)

यह तो प्रेम की बात है उधो

यह तो प्रेम की बात है उधो – भजन 

यह तो प्रेम की बात है उधो,

बंदगी तेरे बस की नहीं है।

यहाँ सर देके होते सौदे,

आशकी इतनी सस्ती नहीं है॥

 

प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा,

उनकी पूजा में सुन ले ए उधो।

यहाँ दम दम में होती है पूजा,

सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥

 

जो असल में हैं मस्ती में डूबे,

उन्हें क्या परवाह ज़िन्दगी की।

जो उतरती है चढ़ती है मस्ती,

वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥

 

जिसकी नजरो में है श्याम प्यारे,

वो तो रहते हैं जग से न्यारे।

जिसकी नज़रों में मोहन समाये,

वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥

यह तो प्रेम की बात है उधो – श्रीकृष्ण भजन

“यह तो प्रेम की बात है उधो” एक अत्यंत गहन और भावनात्मक श्रीकृष्ण भजन लिरिक्स है, जिसमें भक्ति और प्रेम के असली स्वरूप का संदेश दिया गया है। इस भजन में कवि उधव को समझाते हुए कहते हैं कि प्रभु का प्रेम साधारण बात नहीं है, यह सौदा केवल सिर देकर होता है और यह आशिकी इतनी सस्ती नहीं है।

श्रीकृष्ण भजन लिरिक्स में बताया गया है कि सच्चे प्रेमियों के लिए पूजा का कोई समय निर्धारित नहीं होता—वे हर श्वास में, हर पल अपने प्रिय का ध्यान करते हैं। यह भक्ति किसी औपचारिकता की मोहताज नहीं, बल्कि यह तो हृदय की गहराई में बसी एक अनंत आराधना है।

भजन आगे समझाता है कि जो वास्तव में प्रेम और मस्ती में डूबे होते हैं, उन्हें सांसारिक जीवन की परवाह नहीं होती। जिस मस्ती का असर केवल थोड़ी देर के लिए हो, वह सच्ची मस्ती नहीं कहलाती।

अंत में, कवि यह भाव रखते हैं कि जिसके नेत्रों में केवल श्याम बसते हैं, वह जग के सभी मोह-माया से मुक्त हो जाता है। उसका दृष्टिकोण इतना पूर्ण हो जाता है कि फिर किसी और चीज की चाह बाकी नहीं रहती। यह भजन प्रेम, त्याग और प्रभु के साथ एकाकार होने का अद्भुत संदेश देता है।

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